आज के समय में हर एक आदमी चाहता है की उनके पास जो भी वो सुरक्षित रहे। इसके लिए आप अलग अलग और कई प्रकार के तरीके(encrypted data aur decrypted data) अपनाते है, जिससे अपने सामान को बचा के रख सके। वो सामान हो चाहे आपक डाटा जो की आप इंटरनेट पे शेयर करते है। लेकिन आज का समय टेक्नोलॉजी का समय है, और इस तरह अब अपने डाटा या पर्सनल डाटा को सुरक्षित रखना थोड़ा मुश्किल है। लेकिन यह इतना मुश्किल भी नहीं है, आप चाहे तो कुछ तरीके अपनाकर उसे सुरक्षित रख सकते है। 

टेक्नोलॉजी के इस युग में आप अपने डाटा को अपने स्मार्टफोन, कंप्यूटर या फिर इंटरनेट पर जिन तरीको की  मदद से सिक्योर कर सकते है, वो है अपने डाटा को Encrypt या Decrypt करना। आज की पोस्ट में हम इसी पे चर्चा करेंगे की ये encrypted data aur decrypted data kya है, और ये कैसे काम करता है और इससे आपको क्या  लाभ और क्या हानि होगी। चलिए सुरु करते है :-

encrypted data aur decrypted data kya hai 

टेक्नोलॉजी से भरी इस दुनिया में कोई भी डाटा एन्क्रिप्शन और डिक्रिप्शन शब्द से अंजान नहीं है, यानि इंटनेट का उपयोग करने वाला इस शब्द से भलीभांति परिचित है। अगर इंटरनेट की बात की जाय तो आप जो भी डाटा चाहे वह पर्सनल ही क्यों न हो इंटरनेट पर शेयर करते है। वह किसी भी तरह से सुरक्षित नहीं है।  लेकिन आप चाहे तो आप इन डाटा को एन्क्रिप्ट करके सुरक्षित रखा सकते है। ऐसा करने से आप के डाटा को भी नहीं चरा सकता और आपका डाटा सेफ रहता है। 

डाटा एन्क्रिप्शन और डाटा डेक्रिप्शन के फायदे/नुकशान क्या हैं

अगर आप अपने डाटा को एन्क्रिप्ट करके इंटरनेट पर शेयर करते है, तो यह पूरी तरह सेफ होता है और इसे को चुरा नहीं सकता। आपने देखा ही होगा या फिर सुना ही होगा की बड़ी बड़ी कम्पनिया अपने डाटा को एन्क्रिप्ट करके रखती जिससे उनका डाटा सेफ रहे। और कोई भी इस डाटा चुराकर इसका गलत इस्तेमाल न करें। यह इन्क्रिप्शन का प्रोसेस खासकर ऑनलइन बैंकिंग या ऑनलाइन पैसे के लेन देन में काफी उपयोग किया जाता है, जिससे आपका पर्सनल डाटा सुरक्षित रहे। क्योकि इस प्रकिया में उपयोग होने वाला डाटा काफी महत्वपूर्ण होता है, और अगर कोई इस डाटा को चुरा लेता है तो वह आपको काफी हानि पंहुचा सकता है। 

एन्क्रिप्टेड डाटा से आप क्या समझते है 

डाटा एन्क्रिप्शन एक ऐसी प्रकिया जिसकी मदद से आप अपने डाटा को एक ऐसे फॉर्मेट में बदल सकते है, जिससे उस डाटा को पढ़ना काफी मुश्किल है। ऐसा कर देने के बाद अगर कोई आपका डाटा चुरा भी लेता है हो वह इसा पढ़ नहीं सकता और यह यह डाटा उसके किसी काम का नहीं रह पता। अगर वह किसी तरह इस डाटा के फॉर्मेट को चेंज भी कर लेता है, तो वह इसका सही मतलब नहीं समझ पायेगा। इस तरह आपका डाटा सुरक्षित रहता है, और इसका गलत उपयोग नहीं हो पता है। उदहारण के तौर पर निचे देंखे

   ( यह मेरा अकाउंट नंबर है123667589 )   (एन्क्रिप्शन के बाद)  ( a#b12$%msj*&%95ddjf )

आप ऊपर देख सकते हैं कि एक डाटा दिया गया है जिसे आप आसानी से पढ़ सकते है, यानि वह नार्मल शब्दों में लिखा गया है। लेकिन अगर आप जब इस डाटा को एन्क्रिप्ट कर देते है, तो उसका फॉर्मेट बदल जाता है। जिसे पढ़ना नामुंकिन है, यानि इसको समझाना मुश्किल है। जब तक आप इसे डिक्रिप्ट नहीं करते आप इसे समझ नहीं सकते। लेकिन इसे डिक्रिप्ट करने के लिए आपको पासवर्ड की जरूरत होगी। ऐसे अगर कोई आपके डाटा को को चुरा भी लेता है, तो वह इसे समझ नहीं सकता। उसे इस डाटा को डिक्रिप्ट करने के लिए और अच्छी तरह से समझने के लिए पासवर्ड की जरूरत होगी जो आपके पास है। इस तरह आपका डाटा पूरी तरह से सेफ है। 

डाटा डिक्रिप्शन आप क्या समझते है 

डिक्रिप्शन की प्रक्रिया को आप तभी उपयोग करते है जब आपको किसी डाटा या फाइल को पढ़ना और उसे समझाना है। यानि साफ शब्दों में कहा जाय तो आप किसी भी डाटा या फाइल को डिक्रिप्ट करके आसानी के पढ़ सकते है और समझ सकते है। इस डाटा को डिक्रिप्ट करने के लिए और अच्छी तरह से समझने के लिए पासवर्ड की जरूरत होगी जो आपने उस डाटा या फाइल को एन्क्रिप्ट करने के लिए उपयोग किया था । अगर पासवर्ड नहीं है तो आप उस डाटा या डॉक्यूमेंट को समझ नहीं सकते की उसका मतलब क्या है।

उदाहरण के लिए 

   ( a#b12$%msj*&%95ddjf )   (डेक्रिप्शन के बाद) ( यह मेरा अकाउंट नंबर है123667589 )  

डाटा एन्क्रिप्शन के फायदे/नुकशान क्या है 

  • अगर आप डाटा को एन्क्रिप्ट कर देते है, तो आपका दता या डाक्यूमेंट्स पूरी तरह से सेफ हो जाता है। 
  • आपका डाटा चोरी होने के बाद भी सुरक्षित रहता है, उसे चुराने वाला समझ नहीं सकता है। 
  • आपको केवल उसी डाटा या डाक्यूमेंट्स को एन्क्रिप्ट करना चाहिए जो आपके लिए काफी महत्वपूर्ण हो, और जिसे चोरी होने के बाद आपको भारी नुकशान का  हो। 

ध्यान देने योग्य बातें 

लेकिन आपको इस बात का ध्यान देना होगा की आप उसी डाटा या डॉक्यूमेंट को एन्क्रिप्ट करे जो आपके लिए मूल्यवान हो और उस एन्क्रिप्टेड डाक्यूमेंट्स का पासवर्ड अच्छी तरह से याद रखे । अगर आप पासवर्ड को भूल जाते है तो आप कभी भी उस डाक्यूमेंट्स को डिक्रिप्ट नहीं करपायेंगे। अगर ऐसा होता है, तो आप एक महत्वपूर्ण डाटा को खो देंगे। जिससे आपको किसी नुकशान का सामना करना पड़ सकता है। 

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